हिंदी 49 sad शायरी
1: चुपके चुपके पहले वो ज़िन्दगी में आते हैं, मीठी मीठी बातों से दिल में उतर जाते है, बच के रहना इन हुसन वालों से यारो, इन की आग में कई आशिक जल जाते हैं..
2: अपनी तो मोहब्बत की यही कहानी है, टूटी हुई कश्ती ठहरा हुआ पानी है, एक फूल किताबोँ मेँ दम तोड़ चुका है, मगर याद नहीँ आता ये किसकी निशानी है.
3: “दोस्त” कभी अपने दोस्त की सच्चाई का इम्तेहान ना लेना, क्या पता उस वक़्त वो मजबूर हो, और तुम एक अच्छा दोस्त खो दो…
4: उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी, जहा सारा शहर अपना था और तुम अजनबी।
5: वक्त बहुत कम है साथ बिताने में, इसे न गवांना कभी रूठने मनाने में, रिस्ता तो हमने बांध ही लिया है आप से, बस थोड़ा सा साथ दे देना इसे निभाने में।
6: मुमकिन नहीं की वो मुझे भुला देगा, वो हर पल हरदम मुझको दुआ देगा.
7: तुम्हारे माथे पे लगी बिंदी तुम्हारी रौनक बड़ा देती है, उफ ये काजल की लपटें,मुझे फिर से इश्क करा देती है.
8: मिजाज को बस तल्खियाँ ही रास आईं, हम ने कई बार मुस्कुरा कर देख लिया.
9: बिना उसके दिल का हाल कैसे बतलाऊ, जैसे खाली बस्ता हो किसी नालायक बच्चे का.
10: चल आ तेरे पैरों पर मरहम लगा दूॅ ए मुक़द्दर, कुछ चोटें तुझे भी आयी होंगी, मेरे सपनों को ठोकर मारकर..
11: एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलता है वो दिल से.
12: तेरे सिवा कोई मेरे जज़्बात में नहीं, आँखों में वो नमी है जो बरसात में नहीं, पाने की कोशिश तुझे बहुत की मगर, तू एक लकीर है जो मेरे हाथ में नहीं.
13: इतनी सारी बातें मत किया करो मुझसे, दोस्ती को प्यार में बदलते वक्त नहीं लगता है…
14: धोखेबाजी से बचने के लिए हम सिंगल ही रहे, क्यूँकि ये लड़कियाँ प्यार कम धोखा ज्यादा देती हैं…
15: उनके हर लम्हे की हिफाज़त करना ए खुदा, मासूम सा चेहरा उदास अच्छा नहीं लगता….
16: वजह क्या है मुझे खुद नहीं मालूम पर, आज बहुत उदास, बहुत उदास हूँ मैं…
17: मैं क्यों कुछ सोच कर दिल छोटा करू, वो उतनी ही कर सकी वफा, जितनी उसकी औकात थी.
18: कहने को तो कई अपने थे मेरे , पर वो जरा व्यस्त थे अपनी दुनियां में , उनमे से कुछ ही थे जो समय निकल पाये, मेरे लिए मेरे बुरे समय में…
19: आती है जब याद तेरी तो तेरी यादों में हम खो जाते हैं, आजकल तुझे सोचते-सोचते ही हम सो जाते है, तू बदनाम ना हो इसीलिए जी रहा हूँ मैं, वरना मरने का इरादा तो रोज होता है.
20: बड़े ही अजीब हैं ये जिंदगी के रास्ते, अनजाने मोड़ पर कुछ लोग अपने बन जाते है, मिलने की खुशी दे या ना दे, मगर बिछड़ने का गम जरुर दे जाते हैं.
21: फायदा बहुत गिरी हुई चीज है, लोग उठाते ही रहते हैं।
22: वो रोए तो मगर मुझसे मुँह मोड़कर रोए, कोई मजबूरी होगी जो दिल तोड़कर रोए, मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकड़े, मेरे बाद वो उन्हें जोड़-जोड़ कर रोए।
23: अभी न छेड़ मोहब्बत के गीत ऐ मुसफिर, अभी हयात का माहौल ख़ुश-गवार नहीं।
24: दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के, वो जा रहा है कोई शबे-ग़म गुजार के..
25: तुमसे नहीं होगा मेरे दर्द का इलाज़, घाव को नासूर हुए वर्षे गुजर गयीं।
26: हम कहीं लिखना भूल न जाएँ, तुम यूँ ही दिल को दुखाती रहा करो।
27: हम अपनी हस्ती मिटा कर भी तनहा हैं, सब कुछ लुटा कर भी तनहा हैं…
28: उठते नहीं हैं अब तो दुआ के लिए भी हाथ, किस दर्जा ना-उमीद हैं परवरदिगार से।
29: आजकल इतना Busy हर इन्सान हो गया, और सब कुछ तो पाया, बस सुकून खो गया…
30: सोचा ना था वो शख्स भी, इतनी जल्दी साथ छोड़ जायेगा, जो मुझे उदास देखकर कहता था, मैं हूँ ना.
31: इस तरह रूठ कर ना जाया करो, दिल को यूं तकलीफ ना पहूँचाया करो, कि बड़ा मुश्किल है तुम्हारे बिना जीना, मेरे प्यार पर कुछ तो तरस खाया करो.
32: दिल में छुपे हो, दूर जाओगे कैसे, मैं कबर में छुप जाऊं, तो ढूंढ पाओगे कैसे.
33: किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल, कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
34: अक्सर जब हम उनको याद करते हैं, अपने रब से यही फरयाद करते हैं, उम्र हमारी भी लग जाये उनको, क्योंकी हम उनको खुद से ज्यादा प्यार करते हैं.
35: ये और बात कि चाहत के ज़ख़्म गहरे हैं, तुझे भुलाने की कोशिश तो वर्ना की है बहुत।
36: कुछ इस तरह पढे गए हम, जैसे पुराना अखबार थे, कुछ इस तरह छूट गए हम, जैसे गणित का सवाल थे।
37: बेवफाई उसकी दिल से मिटा के आया हूँ, ख़त भी उसके पानी में बहा के आया हूँ, कोई पढ़ न ले उस बेवफा की यादों को, इसलिए पानी में भी आग लगा कर आया हूँ।
38: लिपट लिपट के कह रही है ये वो चन्द आखिरी शामें, लविदा कहने से पहले मुझे एक बार गले से लगा लो।
39: क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है, एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है, लगने लगते हैं अपने भी पराये, और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है….
40: न करवटे थी न बेचैनियाँ थी, क्या गजब की नीँद थी मोहब्बत से पहले.
41: वक़्त अजीब चीज़ है वक़्त के साथ ढल गए, तुम भी बहुत करीब थे अब बहुत बदल गए।
42: एक बात सिखाई है, ताजुर्वे ने हमें, एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवा है।
43: छुप के तेरी तस्वीरें देखता हूँ, बेशक तू ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो मैं लाया करता था.
44: कभी किसी चीज के लिए तरसे नहीं थे पर ना जाने क्यों, आपसे बात करने के लिए तरस जाते हैं.
45: आज फिर याद आये, तुम उन बीते लम्हों में, आखिर वो लम्हे ही तो हैं, जिन्हें हम अपना बना पाए.
46: ना जाने किस बात पे वो नाराज हैं हमसे, ख्वाबों मे भी मिलता हूँ तो बात नही करती।
47: थोड़ी-सी तो जिंदगी है, क्या तेरा रूठ जाना जरूरी था।
48: किश्तों में खुदकुशी कर रही है ये जिन्दगी, इंतज़ार तेरा – मुझे पूरा मरने भी नहीं देता…
49: क़िस्मत वालों को ही मिलती, पनाह मेरे दिल में, यूं तो हर शख़्स को, जन्नत का पता नहीं मिलता..
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