25 बेवफा शायरी
1: यह इस जमीन की फितरत है, हर चीज सोक लेती है, वरना इन आँखों से गिरने वाले आंसुओं का भी, एक अलग ही समुद्र होता।
2: खुशियों से नाराज़ है मेरी जिंदगी, प्यार की मोहताज़ है मेरी जिंदगी, हस लेता हूँ लोगों को दिखाने के लिए, वर्ना दर्द की किताब है मेरी जिंदगी।
3: वो रोये तो बहुत पर मुझसे मुह मोड़ कर रोए, कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए, मेरे सामने कर दिए मेरे तस्वीर के टुकड़े, पता चला मेरे पीछे वो उन्हें जोड़ कर रोए।
4: हर ख़ामोशी का मतलब इंकार नहीं होता, हर नाकमियाबी का मतलब हार नहीं होता, तो क्या हुआ, अगर हम तुम्हें ना पा सकें, सिर्फ पाने का मतलब ही प्यार नहीं होता।
5: दर्द तो हमने इंतज़ार में देखा है, चाहत का असर प्यार में देखा है, लोग ढूढ़ते हैं मंदिर मस्जिद में जसी खुदा को, उसे हमने अपने प्यार में देखा है।
6: किसी के दिल को ठेंस लगा कर माफ़ी मांगना बड़ा आसान है, लेकिन चोट खा कर किसी को माफ़ करना बाड़ा मुश्किल है।
7: ये दुनिया वाले भी बड़े अजीब होते हैं, कभी दूर तो कभी पास होते हैं, दर्द ना बताओ तो हमें कायर कहते हैं, और दर्द बताओ तो हमें शायर कहते हैं।
8: साजिश वो रचते हैं दुनिया में जिन्हें कोई जंग जितनी हो, मेरी कोशिश तो दिल जितने की होती है ताकि रिश्ता कयन रहे, जब तक जिंदगी हो |
9: सबने चाहा की हम ना मिलें, अगर ख़ुशी मिलती है यूँ हमसे जुदा होकर, तो दुआ है रब से कि उसे हम ना मिलें।
10: वैसे इंसान बनें जिस तरह के इंसान को आप पसंद करते हैं.
11: मरने वाले आदमी के लिए रोने वाले हजारों मिल जाएंगे, मगर जो आदमी जिन्दा है उसे समझने वाला कोई भी नही मिलेगा।
12: वो याद करेंगे जिस दिन मेरी मोहब्बत को रोएगा बहुत फिर से मेरा होने के लिए
13: अहसास ही बदल जाते हैं बस और कुछ नहीं होता, मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है।
14: भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.
15: नींद चुराने वाले हमसे पूछते हैं सोते क्यों नहीं हो, इतनी ही फ़िक्र है तुम्हें तो फिर हमारे होते क्यों नहीं हो
16: भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.
17: जहर तो मैं पी गया लेकिन तकलीफ लोगों को तब हुई जब मैं उसके बावजुद जी गया।
18: कसूर किसी का भी हो मगर, आसूँ हमेशा बेक़सूर के ही निकलते हैं
19: जो इंसान ज्यादा Emotional होता है, ऐसे इंसानों के दिलों को लोग आसानी से ठेस पहुँचाते रहते हैं.
20: डूबे हुए को हमने बैठाया था अपनी नांव में यारों और, फिर नाँव का बोझ कहकर, हमें ही उतार दिया।
21: वक्त अच्छा था तब उन्हें हमारी गलती मजाक लगती थी, अब वक्त बुरा आया तो हमारा मजाक भी उन्हें गलती लगती है।
22: यदि आप भावनात्मक उथल-पुथल से गुजर रहे हैं, तो आपको अपने विचारों को शांत करने, और फिर सीधे विचार करने की जरूरत है।
23: मत खोलो मेरी किस्मत की किताब को, मेरा उस हर शख्स ने दिल दुखाया है, जिस पर मुझे नाज हुआ करता था।
24: नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर ख्वाइशें सूखती रही और पलकें भीगती रही।
25: कभी उसको नज़र अंदाज़ ना करो, जो तुम्हारी बहुत परवाह करता हो, वरना किसी दिन तुम्हें एहसास होगा, की पत्थर जमा करते करते तुमने हिरा गवा दिया।
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